हुनर 

अपने अंदर के गुसे को आग से नहीं । अपने हुनर से  बहर निकालो । *******   ********   ***** जो भी कुछ है आज है और अभी है। कल तो खुदा का भी नहीं है । ******  *******   ****** कभी कभी जिंदगी से बाड कर जज्बात हो जाते है  जिंदगी भलेहि छोटी हो… Continue reading हुनर 

शिकायत 

जब से जिंदगी से हाथ मिलाया है  तब से खुद से और खुदा से भी । शिकायत करना छोड़ दिया है ।

मन की गेहराईया 

अपने मन की गेहराईयों से बहार निकाल के तो देखो। मन के द्वबार् खोल के देखो । इन आसमानों में बहुत से रंग है । कभी मन की आखो से देखो ।

जिन्दा हो तुम 

दिलो में तुम अपनी बेताबिया लेकर  चल रहे हो तो जिन्दा हो तुम ।। नजरो में खाव्वो की विजलिया ले कर  चल रहे  हो तो जिन्दा हो तुम ।। हवाओँ की झोको की तरह आजाद  होकर रहना सीखो जिना सीखो । तुम एक दरिया जेसे लहरो में बहना सीखो। हर एक लम्हे से तुम मिलो… Continue reading जिन्दा हो तुम 

दिल क्यों तू घवराया  

जब जब दर्द का वादल छाया । जब गम का साया लहराया । जब आसु पलको तक आया । जब तन्हा या दिल घवराया । हमने दिल को यह समझया अखिर । तू क्यों रोता है  । दुनिया में युही होता है  य जो गहरे सन्नाटे है । वक्त ने सब को ही बाटे है… Continue reading दिल क्यों तू घवराया  

सच है क्या 

सच  सच क्या बोलू जो आप सच सुनना ही नहीं चाहते हो और न सच आप सुन सकोगे सच तो लोग सुनना ही नहीं चहते है सच तो या है की आप सब सच जानते हो । सच तो वो है जो मेरे दिल में है जो आप के दिल में है पर सच में… Continue reading सच है क्या 

कहना तो बहूत कुछ है.

में कहना तो बहूत कुछ हु पर कोई सुनने बाला हो । सच तो बोलना चाहती हु पर सच कोई सुनने बाला हो। बताना तो बहूत कुछ चाहती हु कोई समझने बाला हो। दिल में तो बहूत कुछ है पर कोई जानने बाला नहीं है । रास्ते तो बहूत है पर कोई साथ चालने बाना… Continue reading कहना तो बहूत कुछ है.